Today about 4:45 pm something...i talked someone & realise something .....ЁЯШФ

मैंने रंगों को रंग बदलते देखा है...
वक़्त का रंग इंसानियत पर चढ़ते देखा है ,,

गिरगिट को ख़ुदायी नेमत मिली है...
रंगियत में ढलने की,,
यहाँ मैंने इंसानों को रंग बदलते हुए देखा है,,

साँप का पुरानी केंचुली छोड़ जाना...
ख़ुदा ने ही उसे ऐसा भेजा है,,
केंचुली की तरह पुराने रिश्तों को उतार फेंकते हुए...
मैंने यहाँ अपनों को देखा है ।।

Comments

Post a Comment